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(क) एक कर्मचारी जो रोजगार चोट या व्यावसायिक चोट से पीड़ित है और कार्य करने के लिए अस्थायी असमर्थता के लिए प्रमाणित है, को अस्थायी अपंगता हितलाभ देय है । अधिनियम की धारा 2(8) के अन्तर्गत परिभाषित “रोजगार चोट” को परिभाषित किया गया है कि एक कर्मचारी की व्यक्तिगत चोट जो दुर्घटना या व्यावसायिक रोग होने के कारण रोजगार के दौरान हुई हो, बीमा योग्य रोजगार में होने के कारण, चाहे घटित दुर्घटना या व्यावसायिक रोग भारत की प्रादेशिक सीमा के अन्दर या बाहर हुआ है ।
(ख) स्थायी अपंगता हितलाभ के लिए अपेक्षित प्रमाण पत्र:-
फार्म 16 में दुर्घटना रिपोर्ट, फ़ार्म 8,9,10, 11 और एसिक मेड॰13.
(ग) स्थायी अपंगता हितलाभ के लिए पात्रता:
हितलाभ किसी अंशदायी शर्तों की शर्त पर नहीं दिया जाता है । एक बीमाकृत व्यक्ति के बीमायोग्य रोजगार में प्रवेश के दिन से वह इसका पात्र हो जाता है ।
(घ) अस्थायी अपंगता हितलाभ की दर औसत दैनिक मजदूरी का 90% है ।
(घ) अस्थायी अपंगता हितलाभ की अवधि:
अस्थायी अपंगता हितलाभ की समयावधि के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है । जब तक अस्थायी अपंगता रहती है और उपचार द्वारा महत्वपूर्ण सुधार संभव हो यह देय होता है । यदि अस्थायी अपंगता हितलाभ अवधि 3 दिनों (दुर्घटना दिवस रहित) से कम है तो, यदि अन्यथा पात्र है, बीमारी हितलाभ अदा किया जाएगा । बीमा चिकित्सा अधिकारियों/बीमा चिकित्सा व्यवसायियों के लिए विशेष मुद्दा है कि कुछ बीमाकृत व्यक्ति अस्थायी अपंगता हितलाभ की हानि के डर से विशेषतः 3 दिन से पूर्व अंतिम प्रमाणपत्र लेने का विरोध कर सकते हैं ।
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कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 |
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"कर्मचारियों के लिए बीमारी, प्रसवकालीन और सेवाकाल की स्थिति में कुछ विशेष हितलाभ प्रदान करने तथा उनसे संबन्धित मामलों में उपबंध बनाने हेतु बनाया गया अधिनियम। "
कोई शंका होने पर कृपया ई-मेल आई॰ डी॰ : esic-hqrs@esic.in पर लिखें।
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